दिल्ली चुनाव- सट्टा बाजार के दावे से उड़ी केजरीवाल की नींद, कांग्रेस की हो सकती है बड़ी भूमिका

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सीएम उम्मीदवार के सवाल पर बीजेपी की तरह कांग्रेस भी चुप्पी साधे हुए है, सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस सीएम का चेहरा घोषित किये बिना ही मैदान में उतरेगी।

चुनावी सरगर्मियों के बीच शीला दीक्षित की अगुवाई में लगातार 15 साल तक दिल्ली की सत्ता में राज करने वाली कांग्रेस ने एक सर्वे कराया है, जिसमें दर्जन भर सीटें मिलने का दावा किया जा रहा है, इसके साथ ही सट्टा बाजार भी दिल्ली में कांग्रेस का खाता खुलने का दावा कर रही है, ये बात अलग है कि सट्टा बाजार पार्टी को 4-5 सीटें ही दे रही है, पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था, कई दिग्गजों के जमानत तक जब्त हो गये थे।

गठबंधन पर बात
दिल्ली कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको और प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा पहले ही साफ कर चुके हैं, कि विधानसभा चुनाव में किसी के साथ गठबंधन की कोई संभावना नहीं है, लेकिन चुनाव के बाद हालातों को लेकर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है, सीएए और एनआरसी को लेकर कांग्रेस ने जिस तरह से मुद्दे को हवा दी है, उससे उन्हें लग रहा है कि मुस्लिम बहुल इलाकों में पार्टी को फायदा होगा।

सीएम उम्मीदवार पर चुप्पी
सीएम उम्मीदवार के सवाल पर बीजेपी की तरह कांग्रेस भी चुप्पी साधे हुए है, सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस सीएम का चेहरा घोषित किये बिना ही मैदान में उतरेगी, इसके पीछे की वजह ये कहा जा रहा है कि पार्टी नहीं चाहती कि किसी एक को उम्मीदवार घोषित कर दूसरे गुट को नाराज किया जाए।

25 नये चेहरे
सूत्रों का ये भी दावा है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इस बार कम से कम 25 नये चेहरों पर दांव लगा सकती है, कुछ पूर्व विधायकों के साथ-साथ युवा प्रत्याशियों पर भी दांव लगाया जाएगा, कहा जा रहा है कि 70 विधानसभा सीटों के लिये पार्टी के पास करीब 400 दावेदार हैं।

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