डोनल्ड ट्रंप के भारत दौरे से चीन को लगी ‘मिर्ची’, पीएम मोदी को किया आगाह

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लेख में दावा किया गया है कि डोनल्ड ट्रंप की कोई विचारधारा नहीं है, उनका एक ही मतलब है वो अपने फायदे के लिये किसी भी देश का दौरा करते हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप भारत के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच चुके हैं, देश से लेकर विदेश तक उनके इस यात्रा की चर्चा हो रही है, चीन मीडिया भी इसे कवरेज दे रहा है, चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने ट्रंप के इस दौरे को लेकर कई बातें कही है, साथ ही पीएम मोदी को आगाह भी किया है, दरअसल मोदी-ट्रंप के बीच दोस्ती देखकर चीन में खलबली मची हुई है, इसी वजह से इस अखबार ने एक लेख लिखा है, जिसका शीर्षक है ट्रंप की चाल से मोदी को अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता बचानी होगी।

ट्रंप का मकसद
लेख में दावा किया गया है कि डोनल्ड ट्रंप की कोई विचारधारा नहीं है, उनका एक ही मतलब है वो अपने फायदे के लिये किसी भी देश का दौरा करते हैं, भारत दौरे में उनके कई फायदे हैं, पहला फायदा भारत को हथियार बेचना, अमेरिकी अर्थव्यवस्था और रोजगार की स्थिति सुधारने के लिये ट्रंप दूसरे देशों को हथियार बेचना बेहद जरुरी है, भारत पिछले कुछ सालों में हथियारों के लिये अच्छा बाजार बनकर उभरा है, ऐसे में यहां भरपूर संभावनाएं हैं, इसलिये ट्रंप मोदी से दोस्ती गाढ रहे हैं।

ट्रेड वॉर
लेख में दावा किया गया है ट्रंप के दौरे का दूसरा मुख्य मकसद है व्यापार, जब से ट्रंप सत्ता में आये हैं, उन्होने तमाम व्यापारिक सहयोगियों के साथ ट्रेड वॉर शुरु कर दिया, भारत भी उनके निशाने पर है, ट्रंप ने ना सिर्फ भारत को दुनिया का सबसे ज्यादा टैक्स लगाने वाला देश कहा था, बल्कि भारत में आउटसोर्सिंग की वजह से अमेरिकियों की नौकरी जाने की शिकायत भी की थी।

मोदी को आगाह
ग्लोबल टाइम्स में लिखा गया है कि ट्रंप भारत को इंडो-पैसेफिक रणनीति से भी लुभाने की कोशिश करेंगे, अमेरिका इंडो पैसेफिक क्षेत्र को पश्चिमी सुमद्री तट से भारत के पश्चिमी समुद्री तट के क्षेत्र से परिभाषित करता है। अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ-साथ दूसरे मंत्री भी भारत का दौरा कर चुके हैं, लेकिन भारत की रणनीति अमेरिकी रणनीति से काफी अलग है। भारत अपने हितों और जरुरतों के हिसाब से इंडो पैसेफिक रणनीति को आकार देगा।

ईरान एजेंडा
अखबार ने लिखा है, मोदी और ट्रंप के मुलाकात का एक एजेंडा ईरान भी होगा, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति बनती जा रही है, ट्रंप को तेहरान के खिलाफ प्रतिबंध लागू करने के लिये भारत के सहायता की जरुरत है, भारत को उम्मीद है कि अमेरिका उसे ईरान से तेल आयात करने की छूट देगा। इसके साथ ही बीजिंग के तोड़ के तौर पर भारत को साथ लाने में वॉशिंटगन कोशिश कर रहा है।

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