Tejashwi

सुबह से ही विधानसभा में विपक्ष हंगामा कर रहा था, सदन आने से पहले ही तेजस्वी यादव ने प्रेस कांफ्रेंस करके मंत्री रामसूरत राय पर मुजफ्फरपुर शराबकांड को लेकर गंभीर आरोप लगाये।

शनिवार को बिहार विधानसभा में वो हुआ, जिसकी शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी, सदन की कार्यवाही के दौरान सत्ता और विपक्ष के विधायक आपस में ही उलझ दये, बात बहसबाजी से शुरु होकर हाथापाई तक पहुंच गई, मार्शलों को बीच बचाव करके विधायकों को एक-दूसरे से अलग करना पड़ा।

मंत्री पर आरोप
दरअसल सुबह से ही विधानसभा में विपक्ष हंगामा कर रहा था, सदन आने से पहले ही तेजस्वी यादव ने प्रेस कांफ्रेंस करके मंत्री रामसूरत राय पर मुजफ्फरपुर शराबकांड को लेकर गंभीर आरोप लगाये, सदन शुरु होने से ठीक पहले विपक्षी विधायकों ने मंत्री की बर्खास्तगी को लेकर विधानसभा में खूब नारेबाजी की थी। जब सदन की कार्यवाही शुरु हुई, तो तेजस्वी मंत्री पर लगे आरोपों और उससे जुड़े दस्तावेजों को सदन के पटल पर रखना चाहते थे, इस दौरान डिप्टी सीएम रेणु देवी किसी सवाल का जवाब देने के लिये उठीं, लेकिन तेजस्वी के आग्रह के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उनहें बोलने की अनुमति दी।

शुरुआत से ही तनातनी
हालांकि रेणु देवी अध्यक्ष की बातों को अनसुना कर अपना जवाब पढती रही, इस दौरान विपक्ष खड़े होकर लगातार आपत्ति जताता रहा, डिप्टी सीएम के जवाब और आसन की बातों को अनसुना करने से नाखुश विपक्ष सदन से वॉकआउट कर दिया, अध्यक्ष के चेंबर के बाहर जाकर धरने पर बैठकर काफी देर तक नारेबाजी करते रहे। कुछ देर बाद तेजस्वी सदन में लौटे, इस दौरान विपक्षी विधायकों की ओर से लाये गये कार्यस्थगन प्रस्ताव को अध्यक्ष ने अमान्य कर दिया, नेता प्रतिपक्ष ने अध्यक्ष से गुजारिश की, कि कम से कम प्रस्ताव को पढने को दिया जाए, मंजूरी मिलने के बाद विधायक रेखा देवी ने प्रस्ताव पढा। इसके बाद तेजस्वी ने रामसूरत राय पर उनके पिता के नाम पर चलने वाले स्कूल का जिक्र करते हुए शराबकांड को लेकर आरोप लगाने लगे, इसी दौरान डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने खड़े होकर कहा, कि इस तरह से सदन नहीं चलेगा, जो बातें आज के बिजनेस से तय है, सिर्फ उन्हीं पर बात होनी चाहिये।

तेजस्वी और तारकिशोर में तीखी बहस
इसके बाद तेजस्वी और तारकिशोर में तीखी बहस हुई, तेजस्वी कह रहे थे, चूंकि मंत्री पर ये आरोप लगे हैं इसलिये इसकी गंभीरता को देखते हुए चर्चा होनी चाहिये, तेजस्वी के आरोपों पर डिप्टी सीएम ने कहा, एक सदस्य के लिये सदन के नियम नहीं बदले जा सकते। पहले रेणु देवी, फिर तारकिशोर प्रसाद के वाकये को लेकर विपक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा, इसके बाद तेजस्वी ने अपने विधायकों के साथ राजभवन मार्च किया, उन्होने आरोप लगाया कि विधानसभा बीजेपी और जदयू का ऑफिस बन चुका है।

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