झारखंड – मां तड़ीपार, पिता जेल में काट रहा सजा, बेटी ने चुनाव जीतकर रचा इतिहास

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28 वर्षीय अंबा प्रसाद कांग्रेस प्रत्याशी थी और उन्होने जीत हासिल की है, वो इस बार विधानसभा में सबसे कम उम्र की विधायक बनी हैं।

झारखंड विधानसभा चुनाव परिणाम सामने आ चुके है, प्रदेश में अगली सरकार महागठबंधन का बनना तय है, झामुमो कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन प्रदेश के नये मुख्यमंत्री होंगे, लेकिन इस चुनाव में कुछ सीटों पर भी सबकी नजर थी, वजह उम्मीदवार थे, ऐसी है एक सीट है बड़कागांव, जहां की प्रत्याशी 28 वर्षीय अंबा प्रसाद थी, जिनके खिलाफ बोलने से उनके विरोधी भी परहेज कर रहे थे, हालांकि उनके माता-पिता पर विरोधियों ने जमकर कीचड़ उछाले थे।

रचा इतिहास
28 वर्षीय अंबा प्रसाद कांग्रेस प्रत्याशी थी और उन्होने जीत हासिल की है, वो इस बार विधानसभा में सबसे कम उम्र की विधायक बनी हैं, आपको बता दें कि उनके पिता योगेन्द्र साहू 2009 में इसी सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे, मंत्री भी बने, लेकिन उन पर कई आरोप लगे, वो इन दिनों जेल में हैं, अगले चुनाव यानी 2014 में अंबा की मां निर्मला देवी इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी थी, वो भी चुनाव जीती, लेकिन इस बार वो तड़ीपार है, जिसके बाद कांग्रेस ने इस बार अंबा पर दांव लगाया, विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने लगातार तीसरी बार इसी परिवार पर भरोसा जताया और अंबा को जिता दिया।

पिता क्यों गये जेल
योगेन्द्र साहू पर 24 मुकदमे दर्ज है, रामगढ स्पंज आयरन फैक्ट्री से रंगदारी मांगने के मामले में उन्हें दोषी पाया गया, झारखंड हाईकोर्ट ने उन्हें सजा सुनाई, फिर सुप्रीम कोर्ट ने भी सजा बरकरार रखा, दरअसल हुआ ये था कि 1 अक्टूबर 2016 को कफन आंदोलन हुई, जिसमें गांव वालों के साथ योगेन्द्र साहू और निर्मला देवी भी उतरी, गांव वालों की मांग थी कि एनटीपीसी ने माइनिंग के लिये उनकी जो जमीनें ली है, उसका बेहतर मुआवजा दिया गया, आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में 4 लोग मारे गये, जिसे लोग बड़कागांव गोलीकांड के नाम से जानते हैं, जहां 4.25 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा मिल रहा था, गोलीकांड के बाद मुआवजा 20 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से मिलने लगा।

मां हुई तड़ीपार
पति के जेल जाने के बाद निर्मला देवी ने मोर्चा संभाला, मामले में निर्मला को भी गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद जबरन गांववालों ने घुसकर उन्हें पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया, इसके बाद मामले की सुनवाई में निर्मला को तड़ीपार कर दिया गया, ताकि वो मुकदमे पर कोई असर ना डाल सके।

दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी
बेटी अंबा प्रसाद बीबीए और एमबीए की डिग्रीधारी है, उन्होने वकालत की भी पढाई की है, इसके बाद अंबा दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही थी, लेकिन तभी घर में हालात बिगड़ जाने के बाद वो वापस बड़कागांव लौट गई और फिर दिल्ली नहीं आई, लोकसभा चुनाव 2019 में उन्होने मां निर्मला देवी के चुनावी अभियान को संभाला। इस बार उनका नाम राहुल गांधी की वजह से भी चर्चा में है, क्योंकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष खुद अंबा के लिये वोट मांगने पहुंचे थे।

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