AAP ने रातों-रात बदला अपना उम्मीदवार, केजरीवाल के फैसले से चढा सियासी पारा

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दिल्ली से त्रिनगर विधानसभा से 2015 में चुनाव जीतने वाले जितेन्द्र तोमर पर हलफनामे में शिक्षा को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने नामांकन के आखिरी दिन एक उम्मीदवार को बदल दिया, केजरीवाल सरकार में कानून मंत्री रह चुके त्रिनगर से विधायक जितेन्द्र सिंह तोमर का टिकट काटकर उनकी पत्नी प्रीति तोमर को उम्मीदवार बनाया गया है, आपको बता दें कि जितेन्द्र तोमर 2015 में चुनाव जीते थे, लेकिन उन पर चुनावी हलफनामे में फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र की जानकारी देने का आरोप है।

गलत जानकारी देने का आरोप
दिल्ली से त्रिनगर विधानसभा से 2015 में चुनाव जीतने वाले जितेन्द्र तोमर पर हलफनामे में शिक्षा को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप है, हालांकि इस बार भी केजरीवाल ने उन पर भरोसा जताया था, लेकिन विपक्ष के हायतौबा मचाने के बाद नामांकन के आखिरी दिन उनकी जगह उनकी पत्नी को चुनावी मैदान में उतारा गया है।

डिग्री पर उठे थे सवाल
जितेन्द्र तोमर 2015 में विधायक बनने के बाद केजरीवाल मंत्रिमंडल का हिस्सा थे, सीएम केजरीवाल ने उन्हें कानून मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन फर्जी डिग्री होने की वजह से सरकार को भी खूब किरकिरी का सामना करना पड़ा था, बाद में जितेन्द्र तोमर ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

क्या है पूरा मामला
जितेन्द्र तोमर को 2015 में केजरीवाल सरकार में कानून मंत्री बनाया गया था, जुलाई 2015 में उन्हें दिल्ली पुलिस की टीम ने फर्जी डिग्री के मामले में गिरफ्तार किया, हालांकि कुछ समय के बाद ही उन्हें कोर्ट ने जमानत दे दी, मामले की वजह से उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा, तोमर पर फर्जी डिग्री का मामला अभी भी फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहा है, हालांकि त्रिनगर विधायक ने इसे राजनीतिक साजिश बताया था, पुलिस फर्जी डिग्री की जांच के लिये भागलपुर विश्वविद्यालय भी पहुंची थी।

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