Monday, January 25, 2021

कितनी होती है IAS-IPS की सैलरी, जानिये दोनों में कौन होता है ज्यादा पावरफुल?

यूपीएससी परीक्षा तीन माध्यम से आयोजित की जाती है, जिसमें तीन स्तर होते हैं, पहले प्रीलिम्स, फिर मेंस उसके बाद इंटरव्यू।

यूपीएससी सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, हर साल लाखों परीक्षार्थी इस परीक्षा में बैठते हैं, आइये आपको बताते हैं कि आईएएस और आईपीएस में कौन सा पद ज्यादा शक्तिशाली होती है, और क्यों, आईएएस यानी इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस, जिसके जरिये ब्यूरोक्रेसी में एंट्री होती है, आईएएस चुने गये उम्मीदवार विभिन्न विभागों या जिलों के मुखिया होते हैं, आईएएस अफसर भारतीय नौकरशाही के सबसे बड़े पद कैबिनेट सेक्रेटरी तक भी जा सकते हैं। वहीं आईपीएस यानी इंडियन पुलिस सर्विस के जरिये आप पुलिस महकमे के आला अधिकारियों में शुमार होते हैं, जिसमें ट्रेनी आईपीएस से डीजीपी या इंटेलिजेंस ब्यूरो, सीबीआई चीफ तक पहुंचा जा सकता है।

तीन चरण में परीक्षा
यूपीएससी परीक्षा तीन माध्यम से आयोजित की जाती है, जिसमें तीन स्तर होते हैं, पहले प्रीलिम्स, फिर मेंस उसके बाद इंटरव्यू, आईएएस अधिकारी को कोई ड्रेस कोड नहीं होता है, वो हमेशा फॉर्मल ड्रेस में रहते हैं, लेकिन एक आईपीएस हमेशा ड्यूटी पर वर्दी पहनते हैं, वहीं आईएएस के साथ एक या दो अंगरक्षक मिलेंगे, वहीं एक आईपीएस के साथ पूरी पुलिस फोर्स चलती है।

जिम्मेदारी
जब आईएएस बनते हैं, तो उन्हें मेडल दिया जाता है, इससे अलग आईपीएस बनते हैं तो उन्हें स्वॉर्ड ऑफ ऑनर अवॉर्ड से सम्मानित किया जाता है, आईएएस अधिकारी को लोक प्रशासन और नीति निर्माण और कार्यान्वयन की जिम्मेदारी होती है, यानी सरकार जो नीतियां बनाती है उन्हें लागू करवाने का काम एक आईएएस का होता है, वहीं एक आईपीएस अधिकारी कानून और व्यवस्था बनाये रखने और क्षेत्र में अपराध रोकने की जिम्मेदारी लेता है।

कैसे होती है ट्रेनिंग
आईएएस तथा आईपीएस की शुरु के तीन महीने की ट्रेनिंग लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में ही होती है, जिसे फाउंडेशन कोर्स भी कहते हैं, उसके बाद आईपीएस प्रशिक्षुओं को सरदार बल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद भेज दिया जाता है, जहां उन्हें पुलिस की ट्रेनिंग दी जाती है, हम पहले ही बता चुके हैं, कि जो उम्मीदवार आईएएस ट्रेनिंग में टॉप करता है उन्हें मेडल और आईपीएस टॉपर को स्वॉर्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है, वैसे तुलनात्मक दृष्टि से देखें, तो आईपीएस की ट्रेनिंग ज्यादा मुश्किल होती है, इसमें घुड़सवारी, परेड, हथियार चलाना शामिल होता है।

विभाग और सैलरी
एक आईएएस को सरकारी विभाग के कई मंत्रालयों में काम दिया जा सकता है, वहीं आईपीएस अधिकारी पुलिस विभाग में ही काम करता है, अगर सैलरी की बात करें, तो आईएएस की सैलरी आईपीएस से ज्यादा होती है, सातवें पे कमीशन के बाद की बात करें, तो आईएएस का वेतन 56100 से लेकर 2.5 लाख रुपये प्रति माह होता है, इसके साथ ही कई और भी सुविधाएं दी जाती है, वहीं आईपीएस का वेतन 56100 से लेकर 2.25 लाख रुपये प्रति माह तक हो सकता है, एक क्षेत्र में एक ही आईएएस होता है, वहीं आईपीएस एक से ज्यादा भी हो सकते हैं।

कौन ज्यादा पावरफुल
पद के अनुसार बात करें कि आईएएस रैंक सर्वोच्च होता है, एक आईएएस ही जिले का डीएम बनता है, वहीं एक जिले में एसपी एक आईपीएस होता है। दोनों ही शक्तिशाली पद माना जाता है, लेकिन आईएएस एक डीएम के रुप में काफी ज्यादा शक्तिशाली होता है, वहीं एक आईपीएस के पास केवल अपने विभाग की जिम्मेदारी होती है, डीएम के रुप में एक आईएएस अधिकारी, पुलिस विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों का भी मुखिया होता है। कुछ कारणों से आईपीएस से ज्यादा ताकतवर आईएएस को माना जाता है, जिसमें पहला कारण राज्य का डीजीपी आईपीएस होता है, जिसे गृह सचिव को रिपोर्ट करना पड़ता है।

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