15 जून की बात गलवान में क्या हुआ था, पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह ने बताई पूरी बात, एक रात में 3 बार भिड़ंत

0
41

वीके सिंह ने बताया कि झड़प के दौरान हमारे फौजी चीनी सेना पर भारी पड़े, जिसके बाद चीन ने अपने और लोग बुलाये, हमारे जवानों ने भी और लोग बुला लिये।

लद्दाख के गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुए हिंसक झड़प पर पूर्व सेना प्रमुख और केन्द्रीय मंत्री वीके सिंह ने चुप्पी तोड़ी है, उन्होने कई बड़े दावे किये हैं, उनके मुताबिक चीनी टेंट में अचानक आग लग गई थी, जिसके बाद भारत और चीन के फौजियों के बीच झड़प शुरु हुई, वीके सिंह ने कहा कि ये कह पाना मुश्किल है कि चीनी सैनिकों ने टेंट में क्या रख रखा था, जिससे आग लगी।

क्या हुई था
एबीपी न्यूज से बात करते हुए वीके सिंह ने बताया कि 15 जून की शाम हमारे कमांडिंग अफसर गलवान घाटी में गश्त करने गये थे, वो देखना चाहते थे कि चीनी सैनिक पीछे हटे हैं या नहीं, india china कमांडिंग अफसर ने देखा कि चीन के सैनिक पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 के पास ही हैं, वहां उन्होने भारतीय सेना से इजाजत लेकर ही टेंट लगाया था, भारतीय कमांडिंग अधिकारी ने टेंट हटाने को कहा, जिसके बाद दोनों सेनाओं के बीच कुछ कहासुनी हो गई, कमांडिंग अधिकारी ने अपनी सेना से तंबू हटाने को कहा, इसी दौरान चीन के टेंट में आग लग गई।

चीनी सैनिकों पर भारी पड़े हम
वीके सिंह ने बताया कि झड़प के दौरान हमारे फौजी चीनी सेना पर भारी पड़े, जिसके बाद चीन ने अपने और लोग बुलाये, हमारे जवानों ने भी और लोग बुला लिये, चीन के लोग जल्दी आ गये, galwan जिसके बाद अंधेरे में 500-600 लोगों के बीच झड़प हुई, पूर्व सेना प्रमुख ने दावा किया, कि पहले हमारे तीन लोग हताहत हुए, जिसके बाद गुस्से में हमारे फौजियों ने चीनी सैनिकों पर कहर बरपा दिया, 70 से ज्यादा चीनी सैनिक घायल हुए, जबकि हमारे भी 17 और जवान शहीद हो गये।

40 से ज्यादा चीनी सैनिक मरे
केन्द्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि चीन कभी नहीं बताएगा, कि उसके कितने लोग हताहत हुए हैं, लेकिन मैं समझता हूं कि जिस तरह से भारतीय सैनिकों ने चीनी फौजियों को जवाब दिया था, Galwan2 उसमें 40 से ज्यादा चीनी सैनिक हताहत हुए हैं।

15 जून की रात क्या हुआ था
15 जून की रात गलवान घाटी में एक बार नहीं बल्कि तीन बार भारत और चीन की फौज के बीच टकराव हुआ, भारतीय जवानों पर चीनी सैनिकों ने धोखे से हमला किया, इसके बावजूद भारतीय सेना के बिहार रेजीमेंट, पंजाब रेजीमेंट और थ्री मीडियम रेजीमेंट के सैनिकों ने ऐसा जवाब दिया, कि चीनी सैनिक सालों तक भूल नहीं पाएंगे।

Read Also – चीनी सेना के दस्तों ने कैसे किया भारतीय सैनिकों पर हमला, घायल सैनिकों ने बयां की पूरी दास्तां