मेहरबानी होगी साहब, हमें छोटे विकास दुबे से बचा लीजिए, वो तो मर गया लेकिन..

0
159
vikas-dubey-mini

खौफ का दूसरा नाम और बिकरू कांड का मास्टरमाइंड था कानपुर का विकास दुबे. जिसका नाम सुनते ही लोगों के हाथ-पैर फूल जाते थे. भले ही विकास दुबे अब दुनिया में नहीं रहा लेकिन मिनी विकास दुबे अब भी दुनिया में है. जिससे लोगों में दहशत फैली हुई है, लोग हर दिन दुआ करते हैं कि उन्हें इस छोटे विकास दुबे से मुक्ति मिल जाए. क्योंकि छोटा विकास दुबे ना सिर्फ लोगों को परेशान करता है बल्कि अवैध वसूली से लेकर उनकी संपत्ति भी हड़प लेता है. जी हां, सुबे में विकास दुबे के नाम का खौफ अब भी है. लोग अब भी अपने ही घर में छुपकर रहते हैं क्योंकि उन्हें डर लगता है उस मिनी विकास दुबे से जो धड़ल्ले से खौफ का कारोबार कर रहा है.

हमें बचा लीजिए साहब..
‘साहब बड़ी मेहरबानी होगी, हमें बचा लीजिए, विकास दुबे तो नहीं रहा, मगर मिनी विकास दुबे से हमें बचा लीजिए. ये शब्द एक दर्जन ग्रामीणों के हैं. जी हां, विरोह गांव के एक दर्जन ग्रामीण आईजी रेंज मोहित अग्रवाल के यहां यह शिकायत लेकर पहुंचे और अपना डर बताया. यहां मिनी विकास दुबे से मतलब छोटे विकास दुबे से है. यानि कानपुर वाले विकास दुबे की तरह ही एक खूंखार अपराधी जिसने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. मामला जब आईजी रेंज मोहित अग्रवाल के पास पहुंचा तो उन्होंने ग्रामीणों के दर्द को समझते हुए जल्द ही कठोर कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया है.

रसूखदार..
दरअसल पूरा मामला जो है वो विरोह गांव का है. जहां एक रसूखदार खुद को मिनी विकास दुबे समझता है और लोगों को डराकर रखता है. इसी गांव से रानी पांडेय, अंकित पांडेय, संतोष अग्निहोत्री, कमला दिवाकर समेत कई ग्रामीण आईजी के पास पहुंचे और रसखूदार के बारे में बताया. ऐसा कहा जा रहा है कि, रसूखदार गुड्डन त्रिवेदी और विकास का काफी खास आदमी है और उसने गांव के लोगों की जमीन पर अपना कब्जा किया हुआ है. गांव वालों की शिकायत है कि, उसके आदमी पूरे गांव में घूमते हुए अवैध वसूली करते हैं. अगर कोई गांव वाला उनके खिलाफ आवाज उठाता है तो उल्टा उसी शख्स पर एफआईआर दर्ज हो जाती है. यानि गांव में मिनी विकास दुबे का आतंक फैला हुआ है.

विकास दुबे के गुर्गे की संपत्ति जब्त
उधर पुलिस प्रशासन विकास दुबे के गुर्गे जय बाजपेई के भाइयों पर शिकंजा कस रही है. पुलिस प्रशाशन की संयुक्त टीम ने मिलकर जय के भाई रजयकांत की बाइक, अजयकांत की एक कार, जय की एक कार और अजयकांत की एक स्कूटर जब्त कर लिया है. तहसीलदार अतुल कुमार की मानें तो विकास के गुर्गे की सारी संपत्ति लगभग जब्त हो चुकी है और जैसे ही डीएम के निर्देश मिलेंगे फौरन आगे की कार्रवाई की जाएगी.

ये भी पढ़ेंः- विकास दुबे की बहू ने आखिरकार सच बोल ही दिया!, किस-किस ने चलायी थी गोली, वीडियो