विकास दुबे ने गिरफ्तारी में भी चली शातिराना चाल, ये है इनसाइड स्टोरी

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2016
vikas 57

विकास दुबे – वैसे भी उसके दुस्साहस ने विकास को इतना तो मशहूर कर ही दिया है कि उसे चेहरे और नाम से ही पहचान लिया जाता, इस अपराधी के शातिर होने की गवाही उसके कार्यशैली से मिल रही है।

यूपी के मोस्टवांटेड अपराधी विकास दूबे की गिरफ्तारी पर एमपी के बहादुर पुलिस अधिकारी अपने इंटेलीजेंस की सफलता का गुणगान कर रहे है, यूपी पुलिस अपनी सतर्कता और चौकसी की बातें कर रही है, फिर भी एक लाइन जो इन सतर्कताओं की सीमा को तोड़ रही है, वो है मैं विकास दूबे हूं कानपुर वाला, जी हां ये विजुअल टीवी न्यूज चैनलों पर चल रहा है, विकास खुद ही लोगों की भीड़ में अपनी पहचान बता रहा है, साथ ही ये भी कह रहा है कि कानपुर वाला हूं।

शातिर दिमाग का इस्तेमाल
वैसे भी उसके दुस्साहस ने विकास को इतना तो मशहूर कर ही दिया है कि उसे चेहरे और नाम से ही पहचान लिया जाता, इस अपराधी के शातिर होने की गवाही उसके कार्यशैली से मिल रही है, Vikas Ujjain ये अपराधी हर पार्टी के नेता और तमाम बड़े अधिकारियों के संपर्क में रहा है, जिसकी तमाम तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, उसने अपने शातिर दिमाग से ये खेल खेला है, उसे लग रहा होगा कि पुलिस निहत्था भी उसका एनकाउंटर कर सकती है, इसलिये उसने महाकाल मंदिर में जाकर एक तरह से सरेंडर कर दिया।

पुलिस से भाग रहा था
माना जा रहा है कि यूपी पुलिस के साथ-साथ दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान पुलिस भी बेहद सतर्क थी, हथियारबंद पुलिस वाले उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रहे थे, vikas 56 लेकिन उज्जैन जैसी जगह तक पहुंचने की उसकी संभावना किसी को नहीं हो रही थी, विकास लगातार पुलिस से भाग रहा था, उसे इस बात का डर था कि अगर यूपी पुलिस या एसटीएफ ने पकड़ा तो उसे गोली मार देगी। पुलिस के जवान अपने 8 साथियों से शहादत से गुस्से में हैं। इसी वजह से उसने ये शातिर खेल खेला है।

राजधानी की चक्कर लगाया
एनकाउंटर से बचने के लिये ही विकास दूबे राजधानी दिल्ली के चक्कर लगा रहा था, उसे पता था कि दिल्ली पुलिस बिना मुठभेड़ गोली मारने में गुरेज करेगी, up encounter माना जा रहा है कि इसी वजह से उसने फरीदाबाद में शरण लिया था, फिर बुधवार को चर्चा थी कि पुलिस की गोलियों से बचने के लिये वो मीडिया के कैमरों का सहारा ले सकता है, इसी वजह से नोएडा स्थित फिल्म सिटी में सारे चैनलों के दफ्तर के बाहर पुलिस की खास चौकसी बढा दी गई थी।

एमपी पुलिस के दावे
विकास की गिरफ्तारी के बाद एमपी पुलिस के दावे आने लगे हैं, पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि पुलिस ने संदेह होने पर उसे पकड़ा, यहां तक कि जिले के डीएम भी पुलिस के सुर में सुर मिला रहे हैं, अब सवाल यही है कि जो आदमी खुद ही चिल्ला रहा है कि वहीं विकास दूबे है, उस पर संदेह होने की क्या जरुरत है, हां ये बात अलग है कि पकड़े जाने पर असली होने की तस्दीक की जाती, पूरे मामले को देखने के बाद ऐसा लग रहा है कि पुलिस वाले ये मानने में थोड़ा हिचक रहे हैं कि इतना क्रूर अपराधी इतनी आसानी से कैसे पकड़ा गया।

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