Friday, May 7, 2021

योगी ने तोड़ा ‘सबसे बड़े डॉन का गुरुर’, सबके सामने आलीशान कोठी कर दी जमींदोज!

बदन सिंह बद्दो पिछले 20 महीने से फरार चल रहा है, बद्दो की अवैध कोठी ध्वस्तीकरण पर आईजी ने कहा कि अपराध से अर्जित संपत्तियों पर पुलिस की पैनी नजर है।

पश्चिमी यूपी के सबसे कुख्यात डॉन बदन सिंह बद्दो के खिलाफ योगी सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है, 2.5 लाख के इनामी बदन सिंह पिछले काफी समय से फरार चल रहा है, इस बीच गुरुवार को उसकी आलीशान कोठी पर बुलडोजर चला दिया गया है। मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र के पंजाबीपुरा स्थित कोठी को गिराने के लिये बुलडोजर के साथ भारी संख्या में पुलिस मौजूद रही, वहीं कार्रवाई देखने के लिये लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

बीस महीने से फरार
आपको बता दें कि बदन सिंह बद्दो पिछले 20 महीने से फरार चल रहा है, बद्दो की अवैध कोठी ध्वस्तीकरण पर आईजी ने कहा कि अपराध से अर्जित संपत्तियों पर पुलिस की पैनी नजर है, बद्दो के बंगले का ध्वस्तीकरण बदमाशों के लिये चेतावनी है, अपराध पर पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है, बदन सिंह की बेनामी संपत्तियों की जांच जारी रहेगी।

पुलिस कस्टडी से भागा था
दरअसल 2.5 लाख का इनामी बदमाश 28 मार्च 2019 को पुलिस हिरासत से भागा था, हाईकोर्ट की फटकार के बाद बदन सिंह की फरारी के 19 महीने बाद पुलिस ने न्यू पंजाबीपुरा, टीपी नगर में उसकी कोठी ढूंढकर कुर्की की कार्रवाई भी की, बद्दो की कोठी को ध्वस्त कराने की प्रक्रिया पुलिस द्वारा शुरु की गई, एमडीए की जांच में कोठी अवैध मिली।

कोर्ट से भागा था
28 मार्च 2019 को बद्दो पूर्वांचल की जेल से गाजियाबाद कोर्ट में पेशी के लिये लाया जा रहा था, उसने पुलिस वालों से सांठ-गांठ की, जब पुलिस रास्ते में मुकुट महल होटल में खाने के लिये रुकी, तो बद्दो ने पुलिस वालों को शराब पिलाकर नशे में धुत कर दिया, फिर वहां से एक लग्जरी कार से भाग निकला, उसके गैंग ने पहले से ही पूरा इंतजाम कर रखा था, मामले में 6 पुलिस वाले समेत 18 लोग जेल जा चुके हैं। बद्दो पर करीब 40 मामले दर्ज हैं, जिसमें फिरौती वसूलने से लेकर हत्या, तथा हत्या की कोशिश, अवैध हथियार रखने और उनकी आपूर्ति करने, बैंक डकैती जैसे मामले शामिल हैं।

कैसे आया अपराध की दुनिया में
बद्दो के पिता 1970 में पंजाब से मेरठ आये थे, वहां उन्होने ट्रांसपोर्ट का काम शुरु किया, 7 भाइयों में सबसे छोटा बद्दो यहीं से अपराधियों के संपर्क में आया, फिर अपराध की दुनिया में कदम रखा, 80 के दशक में वो मेरठ के मामली बदमाशों के साथ मिलकर शराब की तस्करी किया करता था, इसके बाद वो पश्चिमी यूपी के कुख्यात गैंगस्टर रविन्द्र भूरा के गैंग में शामिल हो गया, बद्दो पर सबसे पहले साल 1988 में हत्या का मामला दर्ज किया गया था, उसने व्यापार में मतभेद होने पर राजकुमार नामक एक व्यक्ति की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी, इसी केस में 31 अक्टूबर 2017 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, लेकिन 17 महीने बाद ही वो जेल से फरार हो गया, अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

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