उमर गौतम ने एग्रीकल्चर की पढाई के दौरान ही पास के गांव में क्षत्रिय परिवार की राजेश्वरी से शादी की थी, कहा जाता है कि शादी के कुछ समय बाद ही उमर ने इस्लाम कबूल कर लिया था।

यूपी एटीएस द्वारा अवैध धर्म परिवर्तन के आरोप में गिरफ्तार किये गये आरोपित उमर गौतम का पूरा चिट्ठा सामने आने लगा है, उमर मूल रुप से यूपी के फतेहपुर जिला के ग्राम पंथुआ का रहने वाला है, वो फतेहपुर के क्षत्रिय परिवार से ताल्लुक रखता है, उमर के पिता धनराज सिंह गौतम इलाके के प्रतिष्ठित लोगों में से एक थे, हालांकि अब उनका निधन हो चुका है।

चौथे नंबर का बेटा
उमर गौतम सरकारी अधिकारी के पद से रिटायर हुए धनराज के 6 बेटों में से चौथे नंबर का है, इस्लाम कबूलने से पहले उसका नाम श्याम प्रताप गौतम था, 1978 में इंटरमीडिएट पास करने के बाद एग्रीकल्चर की पढाई करने के लिये वो पंतनगर गया था, गांव वालों के अनुसार एग्रीकल्चर की पढाई के बाद उमर गौतम ने अलीगढ के एएमयू से पढाई की थी।

ससुर ने दिया था लालच
उमर गौतम ने एग्रीकल्चर की पढाई के दौरान ही पास के गांव में क्षत्रिय परिवार की राजेश्वरी से शादी की थी, कहा जाता है कि शादी के कुछ समय बाद ही उमर ने इस्लाम कबूल कर लिया था, अपनी पत्नी राजेश्वरी को भी धर्म परिवर्तन कराकर रजिया बना दिया, धर्म परिवर्तन की वजह से श्याम प्रताप गौतम को उनके पिता ने परिवार से बेदखल कर दिया था, हालांकि इस दौरान ससुर ने उमर को वापस हिंदू बनाने की भरपूर कोशिश की, उन्हें एक ईंट भट्ठा भी देने को तैयार थे, लेकिन उमर किसी भी कीमत पर घर वापसी स्वीकार नहीं की थी।

पिता की मौत पर भी नहीं आया
गांव में रहने वाले उमर के चचेरे भाई राजू सिंह ने बताया कि उमर कम ही गांव आता है, गांव के लोगों से कम ही संपर्क रहता है, लेकिन जैसे ही उसके आने की खबर मिलती है, तो इलाके के पैसे वाले मुस्लिम उससे मिलने आते हैं, उमर के साथ मुस्लिमों की गाड़ियों का काफिला चलता है, गांव वालों ने ये भी बताया कि उमर आस-पास के मदरसों में तकरीर भी देता था। राजू सिंह ने कहा कि उमर के पिता धनराज सिंह गौतम का करीब डेढ साल पहले निधन हो गया था, हालांकि वो अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी नहीं आया।

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