Manish gupta (2)

मनीष के दोस्त प्रदीप कुमार तथा हरबीर सिंह गुरुग्राम के रहने वाले हैं, दोनों गोरखपुर में मनीष के साथ थे, दोस्तों का कहना है कि मामूली कहासुनी इतनी बढ गई कि मामला मारपीट तक पहुंच गया।

गोरखपुर के होटल में प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता के साथ उस रात क्या हुआ था, पुलिस वालों ने कमरे में आकर किस तरह तलाशी की बात कही, फिर बात इतनी कैसे बिगड़ गई कि मनीष की जान ही चली गई, ये सब अब मौके पर मौजूद दोनों चश्मदीदों ने बताया है, ये दोनों चश्मदीद मनीष के दोस्त हैं, जो कि उस समय कमरे में वहां मौजूद थे, जहां पुलिसवाले आये थे।

मारपीट तक पहुंचा मामला
मनीष के दोस्त प्रदीप कुमार तथा हरबीर सिंह गुरुग्राम के रहने वाले हैं, दोनों गोरखपुर में मनीष के साथ थे, दोस्तों का कहना है कि मामूली कहासुनी इतनी बढ गई कि मामला मारपीट तक पहुंच गया, प्रदीप ने बताया कि रात करीब 12-सवा 12 बजे करीब 7-8 पुलिस वालों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, फिर उन लोगों ने आईडी मांगी, इस पर प्रदीप ने अपनी और हरबीर की आईडी पुलिस को दिखा दी, फिर पुलिस ने मनीष गुप्ता को उठाया, जो सो रहे थे, उनसे भी आईडी मांगी गई।

बैग की तलाशी
प्रदीप के अनुसार इसके बाद पुलिसवालों ने उनके बैग की तलाशी देने को कहा, इस पर मनीष ने कहा कि आप लोग हमें इतने रात क्यों परेशान कर रहे हैं, क्या हम आपको आतंकी लगते हैं, आईडी भी हमने आपको दिखा दी है। चश्मदीद के अनुसार इसके बाद तूतू-मैंमैं बढी, तो पुलिस ने उन लोगों को मारना शुरु कर दिया, जिसमें हरबीर को भी पीटा गया, इस दौरान मनीष को पुलिस वाले ने पीछे से मारा, जिससे वो सीधा मुंह के बल जमीन पर गिरे, मुंह जमीन से टकराने की वजह से मुंह से खून निकलने लगा, फिर पुलिस वाले आनन-फानन में मनीष गुप्ता और हरबीर को लेकर अस्पताल निकल गये, वो पहले जिस अस्पताल में गये, वहां से उनको बीआरडी अस्पताल भेजा गया, क्योंकि मनीष की हालत गंभीर थी।

दूसरे अस्पताल
प्रदीप का कहना है कि पुलिस वाले हरबीर को वहीं छोड़कर एंबुलेंस करके मनीष को अपने साथ ले गये थे, फिर हरबीन जब प्रदीप के पास पहुंचे, तो 1.30 बजे करीब दोनों मिलकर बीआरडी अस्पताल पहुंचे, वहां भारी पुलिस फोर्स तैनात थी, जिसने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। मनीष के दोस्त ने उस बात को गलत बताया, जिसमें उनके नशे में होने की बात कही जा रही है, प्रदीप ने इस चीज को बेबुनियाद बताया कि मनीष जब सोकर उठे, तो उनका पैर फिसला और वो गिर पड़े।

बीजेपी नेता से शिकायत
मनीष के दूसरे दोस्त हरबीर ने बताया कि पुलिस के आने पर उन्होने ही दरवाजा खोला था, पुलिस वाले उनसे बैग चेकिंग कराने को कह रहे थे, हरबीर के अनुसार जब मनीष ने आईडी दिखाने के बाद बैग चेकिंग पर आपत्ति जताई तो पुलिस वाले भड़क गये थे, हरबीर के अनुसार पुलिस वालों ने मनीष गुप्ता से कहा कि क्या तुम पुलिस वालों को बताओगे, कि कैसे काम करना है, वहीं हरबीर से कहा कि तू एक रात थाने में रहेगा, तो अक्ल आ जाएगी, हरबीर के अनुसार मनीष ने जब अपने रिश्तेदार दुर्गेश वाजपेयी (बीजेपी) को फोन किया, तो पुलिस वाले भड़क उठे थे।

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