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ये मामला गौतमबुद्ध नगर के बिसरख थाना अंतर्गत चिपियाना बुर्ज गांव की पंच बिहार कॉलोनी की है, जबकि खुदाई का काम यूपी के कासगंज की पुलिस द्वारा की जा रही है।

दिल्ली से सटे नोएडा में महिला पुलिस वाली के प्यार में दीवाने हुए एक शख्स ने अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों की हत्या कर शव को घर के बेसमेंट में दबा दिया, फिर अपने दोस्त की हत्या कर अपनी निशानी छोड़कर खुद की मौत का स्वांग रचा, अपनी प्रेमिका के साथ पहचान छुपा कर रह रहा था, लेकिन दोस्त की हत्या की जांच कर रही कासगंज पुलिस ने शक के आधार पर उसे धर दबोचा, जब मामला खुला, तो उसने अपनी पत्नी और दो बच्चों की हत्या की बात भी कबूल कर ली, पुलिस ने बेसमेंट खुदाई कर उसके बयान की पुष्टि करने के साथ सबूत जुटाने में जुटी है।

कहां का है मामला
ये मामला गौतमबुद्ध नगर के बिसरख थाना अंतर्गत चिपियाना बुर्ज गांव की पंच बिहार कॉलोनी की है, जबकि खुदाई का काम यूपी के कासगंज की पुलिस द्वारा की जा रही है, रिपोर्ट के मुताबिक राकेश इसी मकान में रहता था, साल 2012 में उसकी शादी एटा की रहने वीली महिला रत्नेश से हुई थी। लेकिन राकेश का प्रेम प्रसंग गांव की ही रहने वाली रूबी से चल रहा था, जो 2015 में यूपी पुलिस कांस्टेबल के पद पर तैनात हुई थी।

प्रेम प्रसंग
जब रुबी ने राकेश पर शादी करने का दबाव बनाया, तो उसने 14 जनवरी 2018 को अपनी पत्नी रत्नेश और दोनों बच्चों (3 साल के अर्पित और 2 साल की अवनी) को मार डाला, उनके शवों को घर के बेसमेंट में दफना दिया, यही नहीं किसी को पता ना चले इसलिये उसके ऊपर सीमेंट का फर्श बना दिया, इस अपराध में राकेश के पिता बनवारी लाल, मां इंदुमती, भाई राजीव और प्रवेश शामिल थे। राकेश के पिता पुलिस से रिटायर्ड हैं।

अपनी मौत का स्वांग
राकेश इन हत्याओं के बाद अपनी पहचान छुपाकर प्रेमिका रुबी के साथ रह रहा था, उसे डर था कि कहीं उसकी पहचान उजागर ना हो जाए, इसलिये उसने एक और हत्या की योजना बनाई, 25 अप्रैल 2021 को उसने अपने दोस्त का मर्डर किया, उसके शव को बुरी तरह कुचल दिया, ताकि उसकी पहचान ना हो सके, फिर अपना आधार कार्ड और एलआईसी के पेपर रख दिये, ताकि पुलिस को लगे कि ये उसकी हत्या हुई है, जब कासगंज की ढोलना पुलिस ने हत्या की जांच शुरु की, तो शक की सूई राकेश तक पहुंच गई, जब पुलिस ने उसे पकड़ कर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने पत्नी और बच्चों की हत्या के राज उगल दिये, यही नहीं अब कासगंज पुलिस तथ्यों की पुष्टि और सबूतों की बरामदगी में जुटी हुई है।

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