बाबरी विध्वंस ने खोला राम मंदिर का रास्ता, खुलकर बोले कल्याण सिंह, सुनाई पुरानी बात

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कल्याण सिंह ने इंटरव्यू में कहा कि राम मंदिर के भव्य निर्माण से यूपी के पर्यटन को बढावा मिलेगा, हर साल लाखों लोग यहां आएंगे, जिससे हजारों लोगों को अनेक रुप में रोजगार मिलेगा।

यूपी के कद्दावर राजनेता और पूर्व सीएम कल्याण सिंह ने गुरुवार को कहा कि 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में कार सेवकों पर फायरिंग नहीं करने की अनुमति नहीं देने के उनके फैसले पर उन्हें गर्व है, दरअसल तब बाबरी मस्जिद के विरोध में लाखों कार सेवक जुटे थे, माना जाता है कि मस्जिद का निर्माण वहीं हुआ है, जहां रामलला पैदा हुए थे, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल दशकों पुराने चल रहे विवाद पर फैसला सुनाया है, और उस स्थल पर रामम मंदिर निर्माण का आदेश दिया है।

दोबारा राम नगरी में जन्म
6 दिसंबर 1992 को विरोध प्रदर्शन कर रहे कथित कार सेवकों ने बाबरी मस्जिद को ढहाने की कोशिश की थी, तब यूपी के सीएम कल्याण सिंह थे, इस घटना के बाद कल्याण सरकार को बर्खास्त कर दिया गया था, kalyan singh प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था, अब 88 वर्षीय कल्याण सिंह ने कहा कि एक तरह से देखा जाए, तो बाबरी विध्वंस ने ही 5 अगस्त को हेने वाले राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम के लिये मार्ग प्रशस्त किया, मैं अयोध्या में मंदिर के दर्शन करने के बाद ही मरना चाहता हूं, फिर राम नगरी में ही दोबारा जन्म लेना चाहता हूं।

पर्यटन को बढावा
कल्याण सिंह ने इंटरव्यू में कहा कि राम मंदिर के भव्य निर्माण से यूपी के पर्यटन को बढावा मिलेगा, हर साल लाखों लोग यहां आएंगे, जिससे हजारों लोगों को अनेक रुप में रोजगार मिलेगा, उन्होने कहा कि राम मंदिर के निर्माण से हजारों लोगों को रोटी मिलेगी, इससे पूरे यूपी के पर्यटन व्यवस्था का हाल बदल जाएगा।

1 दिन पहले पहुंचेंगे
राजस्थान के राज्यपाल के रुप में अपनी सेवा दे चुके कल्याण सिंह दोबारा से सक्रिय राजनीति में लौट चुके हैं, उन्होने कहा कि भूमि पूजन से एक दिन पहले ही वो अयोध्या पहुंचेंगे, वो इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनना चाहते हैं, साथ ही एक बार मंदिर में रामलला का दर्शन करना चाहते हैं, इसके बाद ही उनकी मौत हो, यही उनकी आखिरी इच्छा है।

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