लॉकडाउन में नया नियम, बाइक या स्कूटी पर किसी को पीछे बिठाया, तो कटेगा चालान, एक शर्त पर छूट

0
2737

स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने कहा कि जिस तरह चेहरा ना ढंकने पर जुर्माना है, उसी तरह सार्वजनिक स्थल पर थूकने पर भी जुर्माना लगाया गया है।

कोरोना लॉकडाउन के बीच तरह-तरह के नियम लगाये जा रहे हैं, हालांकि सरकार ये भी कोशिश कर रही है, कि जल्द से जल्द स्थिति सामान्य हो, नये नियम के अनुसार दो पहिया वाहन बाइक या स्कूटी पर सिर्फ चलाने वाला ही बैठ सकता है, अगर पीछे की सीट पर सवारी पाया जाएगा, तो 250 रुपये से लेकर 1000 तक का जुर्माना हो सकता है, इसके साथ ही दोपहिया वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित या निरस्त किया जा सकता है।

पीसी में जानकारी
मास्क पहनने, लॉकडाउन का उल्लंघन करने और दोपहिया वाहन में एक सवारी की अनुमति से संबंधित अधिसूचना महामारी नियंत्रण एक्ट के तहत यूपी सरकार द्वारा जारी किया गया है, यूपी के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में ये जानकारी दी है।

एक सवारी की अनुमति
प्रमुख सचिव ने बताया कि महामारी नियंत्रण एक्ट के तहत जारी अधिसूचना में दोपहिया वाहन चालक ही अकेले वाहन पर सवारी कर सकेगा, पीछे किसी के भी बैठने की अनुमति नहीं होगी, दोपहिया वाहन में पहली बार में पीछे बैठी सवारी पर 250 का जुर्माना होगा, दूसरी बार में 500 और तीसरी बार में 1000 रुपये, इसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित या निरस्त किया जा सकता है।

इस मामले में छूट
हालांकि दोपहिया वाहन के मामले में अपवाद के रुप में इस मामले में छूट दी गई है, कि अगर कोई महिला दोपहिया वाहन चलाना नहीं जानती है, और वो अपने घर के किसी सदस्य के साथ कार्यस्थल पर जा रही है, तो उन्हें कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति लेकर वाहन के पीछे बैठना होगा, पीछे बैठी महिला के लिये हेलमेट, मास्क तथा ग्लव्स पहनना जरुरी है।

सार्वजनिक स्थल पर थूकना भी दंडनीय
स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने कहा कि जिस तरह चेहरा ना ढंकने पर जुर्माना है, उसी तरह सार्वजनिक स्थल पर थूकने पर भी जुर्माना लगाया गया है, पहली और दूसरी बार पकड़े जाने पर 100-100 रुपये, तीसरी बार या उससे ज्यादा बार पकड़े जाने पर 500-500 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा, इन मामलों में दंड वसूलने का अधिकार कार्यपालक मजिस्ट्रेट या थाने के इंस्पेक्टर का होगा।