Sunday, April 18, 2021

Success Story- गाय के तबेले में गोबर उठाने वाली लड़की बनीं जज, बिना कोचिंग पाई सफलता

गाय के तबेले में काम कर अपने पिता की मदद करने वाले युवती का नाम सोनल शर्मा है, जिन्होने हाल ही में राजस्थान न्यायिक सेवा की प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल की है।

अभाव तथा चुनौतियों के बाद भी अगर कोई सच्ची लगन से मेहनत करे, तो सफलता उसके कदम चूमती है, कुछ ऐसा ही कारनामा उदयपुर के प्रताप नगर इलाके में रहने वाली 26 वर्षीय एक युवती ने किया है, जिसके आरजेएस परीक्षा पास कर अपने परिवार का ही नहीं बल्कि पूरे शहर का नाम रोशन किया है, साथ ही उन लोगों के लिये भी मिसाल पेश की है, जो मुसीबतों का सामना करने के बजाय आसानी से घुटने टेक देते हैं।

सफलता में पिता का हाथ
गाय के तबेले में काम कर अपने पिता की मदद करने वाले युवती का नाम सोनल शर्मा है, जिन्होने हाल ही में राजस्थान न्यायिक सेवा की प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल की है, सोनल के सफलता की कहानी किसी हिंदी फिल्म की पटकथा की तरह लगती है, जिसमें ट्रेजडी के साथ ड्रामा भी है, सोनल की मानें, तो उनकी सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ उनके पिता का ही है, जिन्हें देखकर मन में कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा मिली। सोनल अपने पिता के तबेले में गाय का गोबर उठाने का काम बचपन से ही शुरु कर दिया था, जैसे-जैसे वो बड़ी हुई, पढाई के साथ तबेले में अपने पिता का हाथ बंटाती रही, गाय का गोबर उठाना, दूध निकालना तथा तबेले की साफ-सफाई का जिम्मा उन पर ही रहती थी, लेकिन सोनल को अपने सपनों को उड़ान देने के साथ अपने माता-पिता के नाम को भी रोशन करना था, ऐसे में तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए उन्होने अपनी पढाई जारी रखी।

बिना कोचिंग के मिली मंजिल
सोनल ने जब बीए एलएलबी में दाखिला लिया था, तो वहां पर आने वाले जजों को देखकर उसने भी जज बनने की मन में ठान ली थी, पिता की आर्थिक हालात कमजोर होने की वजह से सोनल कोचिंग नहीं कर पाई, लेकिन अपने ख्वाब को पूरा करने के लिये कड़ी मेहनत की, आखिरकार उन्हें अपनी मंजिल मिल गई, आरजेएस की परीक्षा पास करने वाली सोनल का कहना है कि उन्हें दूसरे प्रयास में ये सफलता मिली है। पहली बार जब वो सिर्फ तीन अंकों से पीछे छूटी थी, तो बेहद निराश हुई थी, उसने असफलता को ढाल बनाया, तथा फिर से तैयारी में जुट गई, लेकिन 2018 में हुई आरजेएस परीक्षा में वो 1 नंबर से अपनी मंजिल तक पहुंचने से दूर रह गई, लेकिन फिर ऊपर वाले ने सोनल का साथ दिया और हाल ही में जारी हुई वेटिंग लिस्ट में उसका चयन हो गया।

गायों की सेवा से मिली सफलता
सोनल की सफलता के बाद उनके माता-पिता अपनी खुशी शब्दों में बयां नहीं कर पा रहे हैं, तमाम मुश्किलों का सामना कर अपनी 3 बेटियों तथा 1 बेटे की परवरिश करने वाले सोनल के पिता ख्यालीलाल शर्मा ने कहा कि ये सब गायों की सेवा करने का ही फल है, यहीं नहीं अपनी बेटी की सफलता पर गर्व करते हुए उन्होने कहा कि उनकी जिस ईमानदारी के साथ बेटी ने मेहनत कर इस मुकाम को हासिल किया है, उसी ईमानदारी से वो सब लोगों के साथ न्याय करे।

Read Also – परिवार के साथ जयपुर पहुंचे रणबीर-आलिया, फैंस पूछ रहे शादी होने वाली है? वीडियो

Related Articles

- Advertisement -spot_img

Latest Articles