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साल्वर गैंग का मास्टर माइंड बिहार का कोई पीके है, जिसके बारे में अभी तक पकड़े गये आरोपियों में कोई पक्की जानकारी इसलिये नहीं दे पाया।

नीट-यूजी परीक्षा में पकड़े गये साल्वर गैंग से जैसे-जैसे पूछताछ आगे भड रही है, वैसे-वैसे नये नये खुलासे हो रहे हैं, इस खबर में कुछ तस्वीरों के जरिये हम आपको समझाते हैं कि कैसे ये साल्वर गैंग इस खेल को अंजाम देता था, वाराणसी में नीट की परीक्षा में साल्वर के रुप में पकड़ी गई बीएचयू के बीडीएस सेकेंड इयर की छात्रा जूली के बारे में पूछताछ में ये बातें निकलकर सामने आई है, वो त्रिपुरा की हिना की जगह परीक्षा देने पहुंची थी, आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर कैसे, दरअसल इस गिरोह में 2 टीमें काम करती है, एक कोचिंग संस्थानों में तैयारी कर रहे रईस विद्यार्थियों पर नजर रखती है, तो दूसरी पास आउट उन मेडिकल स्टूडेंट्स पर जो मेधावी हैं, लेकिन गरीब हैं, फिर सौदा तय होता है कि साल्वर के जरिये पेपर कराने का, इसके बाद तकनीक का सहारा लिया जाता है, मूल अभ्यर्थी की तस्वीर के साथ साल्वर की तस्वीर को कुछ साफ्टवेयर के जरिये एडिट करके हू-ब-हू मिलता जुलता चेहरा तैयार किया जाता है।

बानगी तस्वीर से समझिये
कैसे करते हैं, इसकी बानगी इस तस्वीर से समझिये, खबर में बायीं ओर सबसे ऊपर त्रिपुरा की हिना बिस्वास है, जो कि मूल अभ्यर्थी है, बायीं ओर नीचे बीएचयू की जूली है, जो साल्वर है, अंत में कैसे धीरे-धीरे तस्वीर एडिट करते हुए नई तस्वीर तैयार की गई है, फिर एडमिट कार्ड में चस्पा हुई।

फोन पर बात नहीं, संदेश कोरियर करता है पीके
साल्वर गैंग का मास्टर माइंड बिहार का कोई पीके है, जिसके बारे में अभी तक पकड़े गये आरोपियों में कोई पक्की जानकारी इसलिये नहीं दे पाया, कि पीके पूरी तरह से अंडरकवर रहता है, यहां तक कि उसे अगर कोई संदेश गैंग से किसी सदस्य तो देना है, तो वो कोरियर करता है, ना कि फोन।

ओसामा और जूली के भाई समेत 3 और पकड़े
मंगलवार को वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने बिहार की रहने वाली तथा बीएचयू बीडीएस छात्रा जूली के भाई अभय को भी वाराणसी के पांडेयपुर के पास से गिरफ्तार कर लिया, अभय के साथ ओसामा और दूसरे शख्स को भी पकड़ा गया है, पूर्वांचल के गाजीपुर का रहने वाला ओसामा शाहिद केजीएमयू लखनऊ में लास्ट ईयर का छात्र है, ओसामा के कब्जे से नीट प्रवेश परीक्षा के कई दस्तावेज मिले हैं, हालांकि पुलिस के डर से उसने मोबाइल फोन के डाटा को डिलीट कर सबूत मिटाने की कोशिश की, लेकिन इब साइबर एक्सपर्ट डाटा रिकवर करने में जुटे हैं।

बिहार रवाना हुई टीम
जूली पटना के थाना बहादुरपुर के वैष्णवी कालोनी संदलपुर की रहने वाली हैं, उनके पिता सब्जी बेचने का काम करते हैं, वहीं गैंग के सरगना पीके और डील कराने वाला विकास भी विकास का है, ऐसे में वाराणसी के पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने स्पेशल टीम बिहार रवाना कर दी है, आगे का एक्शन बिहार पुलिस की मदद से होगा।

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