Monday, January 25, 2021

नहीं रहे एमडीएच मसाले के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी, आज सुबह ली अंतिम सांस!

सियालकोट से दिल्ली आने के बाद महाशय धर्मपाल रेलवे स्टेशन के पास तांगा चलाते थे, जिससे वो सवारी को लाते-ले जाते थे, हालांकि इस काम में उनका मन नहीं लगता था और ना ही ज्यादा आमदनी होती थी।

चर्चित एम़डीएच मसालों के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी का आज सुबह 5.38 बजे निधन हो गया, महाशय धर्मपाल 98 साल के थे, पिछले दिनों उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई थी, लेकिन वो कोरोना से ठीक हो गये थे, बताया जाता है कि महाशय धर्मपाल गुलाटी को गुरुवार सुबह हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उनका निधन हो गया, पिछले साल उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

एमडीएच का पूरा नाम
महाशय की कंपनी एम़डीएच का पूरा नाम महाशियां दी हट्टी है, सालों से धर्मपाल एमडीएम मसालों के विज्ञापन में खुद ही नजर आ रहे हैं, धर्मपाल गुलाटी के पिता ने पाक के सियालकोट में साल 1922 में एक छोटी सी दुकान से इस सफर की शुरुआत की थी, फिर देश बंटवारे के समय उनका पूरा परिवार पाकिस्तान से दिल्ली आ गया था।

तांगा चलाते थे
बताया जाता है कि सियालकोट से दिल्ली आने के बाद महाशय धर्मपाल रेलवे स्टेशन के पास तांगा चलाते थे, जिससे वो सवारी को लाते-ले जाते थे, हालांकि इस काम में उनका मन नहीं लगता था और ना ही ज्यादा आमदनी होती थी, इस वजह से उन्होने तांगा भाई को दे दिया, और करोलबाग अजमल खां रोड पर एक खोखा खोला, जिसमें मसाले बेचने का काम करते थे।

अब कंपनी ब्रांड बन चुकी है
खोखे से ही महाशय धर्मपाल का बिजनेस चल निकला, अब ये दुकान एमडीएच के नाम से जानी जाने लगी है, धर्मपाल गुलाटी के मसाले लोगों को इतना पसंद आने लगे, कि इनका निर्यात दुनियाभर में होना लगा, 2017 में उन्हें इंडिया में किसी भी एफएमसीजी कंपनी का सबसे ज्यादा वेतन पाने वाला सीईओ भी घोषित किया गया था।

Related Articles

- Advertisement -

Latest Articles