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खास बात ये है कि इससे पहले कैम्ब्रिज इंडिया ट्रैकर ने भारत में मई में दूसरी लहर की सटीक भविष्यवाणी की थी, साथ ही अनुमान लगाया था कि अगस्त में तेजी से टीकाकरण के साथ ही भारत में कोरोना के केस घटेंगे।

कोरोना के नये वेरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर पूरी दुनिया में दहशत का माहौल है, भारत में भी कोरोना ने एक बार फिर से कहर बरपाना शुरु कर दिया है, देश के ज्यादातर प्रदेशों में कोरोना का ग्राफ फिर से बढने लगा है। इस बीच कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पॉल कट्टुमन ने कहा कि कुछ दिनों में भारत में कोरोना के मामलों में तेजी से बढोतरी हो सकती है, इससे भी ज्यादा चिंता की बात ये है कि फरवरी में भारत में कोरोना को तीसरी लहर झेलनी पड़ सकती है, प्रोफेसर पॉल कट्टुमन की स्टडी के अनुसार 1.4 अरब आबादी वाले भारत में ओमिक्रॉन की एंट्री के साथ ही महामारी तेजी से फैलेगा।

दूसरी लहर की भविष्यवाणी साबित हुई थी सच
खास बात ये है कि इससे पहले कैम्ब्रिज इंडिया ट्रैकर ने भारत में मई में दूसरी लहर की सटीक भविष्यवाणी की थी, साथ ही अनुमान लगाया था कि अगस्त में तेजी से टीकाकरण के साथ ही भारत में कोरोना के केस घटेंगे। प्रोफेसर कट्टुमन ने यहां तक कह दिया कि इसी सप्तान भारत में कोरोना के नये संक्रमण मामले ज्यादा देखने को मिलेंगी, उनके दावे में ये भी कहा गया है कि इसका अनुमान लगाना मुश्किल है, महामारी की दर कितनी तेज होगी, रोजाना कितने केस सामने आएंगे।

फरवरी में तीसरी लहर का अंदेशा
प्रोफेसर पॉल कट्टुमन की स्टडी के अनुसार भारत के 11 राज्यों में रोजाना बढ रहे कोरोना के मामले चिंता की वजह हैं, जिसे देखते हुए अनुमान लगाया है कि Corona Hospital आने वाले कुछ दिनों में कोरोना के मामलों में तेजी से बढोतरी हो सकता है, 2022 के फरवरी में कोरोने के रिकॉर्ड केस दर्ज किये जा सकते हैं, ये कहना गलत नहीं होगा, कि भारत में कोरोना की तीसरी लहर फरवरी में आ सकती है।

देश में रोज बढ रहा कोरोना का खतरा
देश में बुधवार को बीते 24 घंटे में 13 हजार से ज्यादा कोरोना केस सामने आये हैं, स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में अब सक्रिय मरीजों की संख्या बढकर 77 हजार के पार पहुंच गई है, वहीं कोरोना के बढते मामलों को लेकर दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र और गोवा तक में कोरोना पाबंदियां बढा दी गई है, दिल्ली में स्कूल, कॉलेज, जिम समेत कई चीजों को बंद कर दिया गया है, वहीं बसों तथा मेट्रो में कुल क्षमता को घटाकर 50 फीसदी कर दिया गया है।

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