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केन्द्र सरकार की ओर से तीनों कृषि कानूनों की वापसी की कार्रवाई के बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने 1 दिसंबर को आपातकालीन बैठक बुलाई है।

केन्द्र सरकार सोमवार को संसद में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के लिये प्रोसेस शुरु कर चुकी है, जिसके बाद किसानों द्वारा आंदोलन खत्म कर घर लौटने की खबरें आने लगी है, हालांकि भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने इन खबरों को निराधार और अफवाह बताया है। राकेश टिकैत ने मंगलवार को कहा कि किसानों के घर वापसी की अफवाह फैलाई जा रही है, एमएसपी गारंटी कानून तथा किसानों पर मुकदमा वापस किये बिना कोई किसान यहां से नहीं जाएगा, 4 दिसंबर को हमारी बैठक है।

1 दिसंबर को आपात बैठक
केन्द्र सरकार की ओर से तीनों कृषि कानूनों की वापसी की कार्रवाई के बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने 1 दिसंबर को आपातकालीन बैठक बुलाई है, बीकेयू कादियान के अध्यक्ष हरमीत सिंह कादियान ने सोमवार को एक बयान में कहा कि 1 दिसंबर को होने वाली बैठक विशेष बैठक है, जो पिछले कुछ समय से सरकार के साथ 11 दौर की बातचीत करने वाले किसान संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा आयोजित की जाएगी।

4 दिसंबर को बैठक
वहीं 5 दिसंबर को होने वाली सामान्य बैठक तय अनुसार होगी, जिसमें आंदोलन और एमएसपी कमेटी को लेकर फैसला किया जाएगा, आपको बता दें कि इन कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि rakesh किसान अब अपना आंदोलन कब खत्म करेंगे, सरकार ने सोमवार को शुरु हुए संसद के शीतकालीन सत्र में कानूनों को आधिकारिक रुप से वापस लेने का विधेयक पेश किया, जिसे दोनों सदनों ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी, ये विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिये जाएगा।

नरेश टिकैट ने किया स्वागत
बीकेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने केन्द्र सरकार के कृषि कानून निरस्त करने के कदम का मंगलवार को स्वागत किया, लेकिन साथ ही उन्होने ये भी मांग की, rakesh tikait1 कि आंदोलन कर रहे किसानों से एमएसपी तथा अन्य मुद्दों पर बातचीत की जाए, संसद में सोमवार को कृषि कानूनों को निरस्त किये जाने संबंधी विधेयक को पारित किया गया, किसान पिछले एक साल से इन कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे।

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