Friday, April 23, 2021

दीप सिद्धू ने किसानों को दी खुली धमकी, सबकी पोल खोल दूंगा, वीडियो

दीप सिद्धू ने अपने फेसबुक पेज पर बुधवार रात को लाइव करते हुए कहा कि मेरे खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है, हमारे मोर्चे तथा इस संघर्ष को कोई परेशानी ना हो।

किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू पर संयुक्त किसान मोर्चे ने भीड़ को भड़काने और लालकिले पर झंडा फहराकर हिंसा भड़काने के आरोप लगाये हैं, जिससे नाराज एक्टर ने अब बगावती तेवर दिखाते हुए कहा कि अगर मैं बात खोलने पर आया, तो बहुत सी बातें खुलेगी, साथ ही उन्होने मोर्चे पर तानाशाही रुख अपनाने का भी गंभीर आरोप लगाया है, उन्होने कहा कि तुम इतने अहंकार में रहते हो, कि किसी की नहीं सुनते, जो फैसला हम करेंगे, वही मानना पड़ेगा, ये तुम्हारी भाषा है, अगर ऐसा चलता रहा, तो कोई भी नौजवान जज्बातों से नहीं लड़ेगा।

लाल किला पर जब गेट टूटा, तो मैं वहां पहुंचा
दीप सिद्धू ने अपने फेसबुक पेज पर बुधवार रात को लाइव करते हुए कहा कि मेरे खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है, हमारे मोर्चे तथा इस संघर्ष को कोई परेशानी ना हो, इसलिये मैं अब तक चुप रहा, लेकिन अब कुछ बातें करनी जरुरी है, पहली बात तो ये कि 26 तारीख से पहले की रात को स्टेज से युवाओं ने बड़ी संख्या में रोष प्रकट करते मोर्चे के नेताओं से कहा था कि पहले आपने ही दिल्ली के अंदर घुसने को कहा था, अब आखिर क्षणों में हमें सरकार की ओर से दिये गये रुट पर जाने को कहा जा रहा है, ये मंजूर नहीं है, हालात ऐसे बन गये, कि हमारे नेताओं ने इससे किनारा कर लिया, सिचुएशन संभालने के लिये फिर मुझे बुलाया गया, मैंने स्टेज पर जाकर सभी को बातें समझाई, मैंने साझा फैसला लेने की बात कही, पर उन्हें बात समझ नहीं आई, इसके बात सुबह सिंधु, टिकरी, गाजीपुर सभी बॉर्डर से जत्थे खुद दिल्ली की ओर कूच कर गये, लाल किला पर जब गेट टूटा, तो मैं वहां पहुंचा, वहां हजारों की संख्या में लोग तथा ट्रैक्टर मौजूद थे, मैंने लाल किले के अंदर देखा, कि वहां कोई बड़ा नेता नहीं था।

मुझे गद्दार का सर्टिफिकेट दे दिया गया
पंजाबी एक्टर ने कहा कि वहां खाली पोस्ट पर लोगों ने निशान साहिब और किसानों का झंडा फहराया, किसी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया, ना किसी बंदे से मारपीट की, sunny (1) सरकार के रवैये के चलते रोष में ये लोगों ने किया, अगर आप मुझे कहते हैं कि ऐसा होने से मैं गद्दार हो गया, तो वहां मौजूद 3 से 5 लाख लोग भी गद्दार हो गये, फिर तो सभी गद्दार हो गये, ऐसा कहने वालों को शर्म आनी चाहिये, अगर वहां लीडरशिप आकर कहती, कि देखो हमारी मांगे ना मानने पर किसानों ने क्या कर दिखाया, तो सरकार पर कितना बड़ा प्रेशर पड़ता, लेकिन मुझे गद्दार का सर्टिफिकेट दे दिया गया।

फिर तुम किस बात के लीडर रह गये
दीप सिद्धू ने कहा कि लाखों लोग अगर मेरे कहने पर आतो, तो फिर तुम किस बात के नेता रह गये, फिर तो सारा कैडर ही मेरा, दूसरी बात ये है कि मुझे आरएसएस, बीजेपी का बंदा कहा जा रहा है, Deep-Singh-Sidhu क्या लाल किले पर निशान साहिब किसानों का झंडा कोई आरएसएस, बीजेपी का बंदा लगाएगा, ये सोचकर तो देखिये, इस तरह तो तुम्हारी बदनीयत सामने आ रही है, तुम इतने अहंकार में रहते हो कि किसी की नहीं सुनते, जो फैसला हम करेंगे, वहीं मानना होगा, ये तुम्हारी भाषा है, अगर ऐसा चलता रहा, तो कोई भी नौजवान जज्बातों से नहीं लड़ेगा, तुम्हें तो उस दिन को सेलिब्रेट करना चाहिए था, क्योंकि ऐसे करके हमने सरकार को जगाया।

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