Sunday, April 18, 2021

कोरोना वैक्सीन में भारत की सफलता नहीं पचा पा रहा चीन, अब ऐसी हरकत पर उतरा!

ब्रिटिश विदेशी खुफिया एजेंसी एमआई 6 के साथ काम कर चुके साईफिरमा के कुमार रितेश ने बताया कि चीनी हैकर्स ऐसा इसलिये कर रहे हैं, क्योंकि वो ऐसी जानकारी जुटाना चाहते हैं।

कोरोना वैक्सीन को लेकर पूरी दुनिया में भारत की कंपनियों का डंका बज रहा है, हालांकि भारत की इस सफलता को पड़ोसी देश चीन पचा नहीं पा रहा है, चीन के एक हैकिंग ग्रुप ने हाल के हफ्तों में दो बार भारतीय वैक्सीन निर्माताओं के आईटी सिस्टम को निशाना बनाया है, साइबर खुफिया फर्म ने एक समाचार एजेंसी को ये जानकारी दी है, चीन और भारत ने कोविड-19 खुराक को कई देशों में भेजा है, भारत दुनिया में बिकने वाले सभी कोविड टीकों का 60 फीसदी से ज्यादा का उत्पादन कर रहा है। साईफिरमा के अनुसार चीनी हैकिंग ग्रुप एपीटी10, जिसे स्टोन पांडा भी कहा जाता है, ने भारत के बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन सॉफ्टवेयर को निशाना बनाया।

क्यों कर रहे ऐसा
ब्रिटिश विदेशी खुफिया एजेंसी एमआई 6 के साथ काम कर चुके साईफिरमा के कुमार रितेश ने बताया कि चीनी हैकर्स ऐसा इसलिये कर रहे हैं, क्योंकि वो ऐसी जानकारी जुटाना चाहते हैं, जिससे कि वो भारतीय दवा कंपनियों से मुकाबले में आगे निकल सकें, उन्होने कहा कि एपीटी10 सीरम इंस्टीट्यूट को काफी सक्रियता से निशाना बना रहा है, जो कई देशों के लिये एस्ट्राजेनेका वैक्सीन बना रहा है, और जल्द ही नोवावैक्स शॉट्स बनाना शुरु कर देगा।

कमजोर वेब सर्वर को निशाना
कुमार रितेश ने बताया सीरम इंस्टीट्यूट के मामले में उन्होने कमजोर वेब सर्वरों को निशाना बनाया है, उन्होने कमजोर वेब एप्लिकेशन के बारे में बात की, वो कमजोर कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम के बारे में भी बात कर रहे हैं, ये काफी चिंताजनक है, चीन के विदेश मंत्रालय ने मामले में तुरंत कोई जवाब नहीं दिया है।

कोई टिप्पणी नहीं
सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक ने मामले में टिप्पणी करने से इंकार कर दिया, सरकारी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम जिसके साथ खुफिया एजेंसी ने कहा, vaccine 1 कि उसने अपनी जानकारी को साझा किया है ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की।

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