नीतीश कुमार ने कर दी सिफारिश, लेकिन सुशांत केस में नहीं हो पाएगा सीबीआई जांच, जानिये खास वजह

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अब सुशांत के परिजनों के सामने सीबीआई जांच की मांग का क्या रास्ता है, अगर उन्हें ये महसूस हो रहा है कि मुंबई पुलिस मामले में तेजी नहीं दिखा रही है, तो इस मामले में वो कोर्ट की शरण ले सकते हैं।

बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने एक निजी न्यूज चैनल से खास बातचीत में कहा कि उनकी सरकार ने सुशांत राजपूत केस में सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है, इससे पहले मामले में पटना में एफआईआर भी दर्ज किया गया है, आइये जानते हैं कि संवैधानिक तौर पर क्या बिहार सरकार इस केस में सीबीआई जांच की सिफारिश कर सकती है, या ऐसा होना कितना संभव है और किन परिस्थितियों में ।

संविधान विशेषज्ञ ने क्या कहा
इस मामले में अधिवक्ता और संविधान विशेषज्ञ विराग गुप्ता ने बताया कि आमतौर पर मामले में सीबीआई जांच की मांग कई स्थितियों में की जा सकती है, लेकिन कौन सा राज्य इसकी सिफारिश कर सकता है, फिर इसकी प्रक्रिया क्या होगी, वो तय है। उन्होने बताया कि घटना जिस राज्य में हुई है, वो मामला उस राज्य सरकार की ज्यूरिडिक्शन में आता है, उस मामले की सीधी तौर पर जांच की जिम्मेदारी प्रदेश पुलिस की होगी, रही बात सीबीआई जांच की, तो बिहार सरकार ने बेशक मामले में जांच की सिफारिश कर दी है, लेकिन ये उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है, ये मामला मुंबई का है, तो इस पर महाराष्ट्र सरकार को फैसला लेना होगा।

राज्य सिफारिश कर सकता है जहां घटना हुई हो
संवैधानिक तौर पर कोई राज्य सीबीआई जांच के लिये जब सिफारिश करता है, तो उसे केन्द्र सरकार के पास भेजा जाता है, चूंकि ये मामला मुंबई में घटित हुआ है, nitish sushant इसलिये मामले में महाराष्ट्र सरकार की स्वीकृति सबसे जरुरी है, तभी केन्द्र सरकार सीबीआई को मामले में जांच की जिम्मेदारी सौंप सकती है अन्यथा नहीं।

तभी हो सकती है जांच
कहने का मतलब ये है कि बिहार सरकार ने भले सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी हो, लेकिन ये मामला तभी आगे बढेगा, जब इसके लिये महाराष्ट्र सरकार रजामंद हो, उन्होने तो ये भी बताया कि संवैधानिक तौर पर बिहार सरकार को मुंबई में हुई घटना का एफआईआर दर्ज करने का भी अधिकार नहीं बनता है, क्योंकि इससे संवैधानिक अराजकता की स्थिति पैदा होती है, बेशक उसमें बेहतर होता कि बिहार सरकार महाराष्ट्र सरकार से बात कर जांच में तेजी लाने की मांग करता ।

कोर्ट की शरण ले सकते हैं
अब सुशांत के परिजनों के सामने सीबीआई जांच की मांग का क्या रास्ता है, अगर उन्हें ये महसूस हो रहा है कि मुंबई पुलिस मामले में तेजी नहीं दिखा रही है, तो इस मामले में वो कोर्ट की शरण ले सकते हैं, ऐसा कई मामलों में पहले भी हुआ है। कोर्ट के आदेश पर सीबीआई मामले की जांच कर सकती है।

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