पुलिस फोर्स में नहीं आना चाहते थे गुप्तेश्वर पांडे, माता-पिता के साथ हुई उस घटना ने बनाया IPS

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बिहार के तेज तर्रार आईपीएस अफसर गुप्तेश्वर पांडे ने कभी पुलिस फोर्स में आने का सपना नहीं देखा था और न ही वो आईपीएस बनना चाहते थे. लेकिन माता-पिता के साथ हुई एक बदसलूकी ने उन्हें इस लाइन में आने के लिए मजबूर कर दिया.

सुशांत सिंह राजपूत केस में सुर्खियां बटोरने वाले बिहार के डीजीपी रहे गुप्तेश्वर पांडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. जिसके बाद से उनके राजनीति में उतरने की अटकलें काफी तेज हो गई हैं. लेकिन गुप्तेश्वर पांडे का कहना है कि उन्होंने राजनीति में आने के बारे में कोई फैसला नहीं लिया है और न ही कुछ सोचा है. लेकिन हैरानी की बात ये है कि, बिहार के तेज तर्रार आईपीएस अफसर गुप्तेश्वर पांडे ने कभी पुलिस फोर्स में आने का सपना नहीं देखा था और न ही वो आईपीएस बनना चाहते थे. लेकिन माता-पिता के साथ हुई बदसलूकी ने उन्हें इस लाइन में आने के लिए मजबूर कर दिया.

IPS बनना नहीं था सपना
1987 बैच के आईपीएस अफसर गुप्तेश्वर पांडे बिहार के बक्सर जिले के रहने वाले हैं और आईपीएस से पहले उनका चयन आईआरएस के लिए हुआ था.gupteshwar pandey biography 1 लेकिन माता-पिता के साथ हुई एक घटना ने उन्हें इतना झकझोर दिया कि उन्होंने संकल्प लिया कि वह अब आईपीएस बनकर ही रहेंगे.

10 साल की उम्र में माता-पिता के साथ घटना
मीडिया इंटरव्यू में गुप्तेश्वर पांडे ने बताया था कि, जब उनकी उम्र सिर्फ 10 साल थी तब उनके घर में चोरी हुई थी. उस दौरान तफ्तीश पर आए पुलिसकर्मियों ने माता-पिता के साथ बदसलूकी की थी और चोरी की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की थी.gupteshwar pandey biography 3 भले ही उस वक्त वह काफी छोटे थे लेकिन इस घटना ने उनके अंदर सवाल पैदा किया कि, क्या वाकई पुलिसवाले इतने खराब होते हैं? इसी घटना के बाद उन्होंने पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करने का फैसला लिया.

सुशांत सिंह केस में उठाई आवाज
मन में पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करने का फैसला करना जितना आसान था उतना ही मुश्किल उसका रास्ता था. लेकिन गुप्तेश्वर पांडे ने हार नहीं मानी और पूरी लगन के साथ मेहनत की. तब जाकर वो दिन आया जब वह आईपीएस बन गए.gupteshwar-pandey गुप्तेश्वर पांडे एक आईपीएस होने के साथ बिहार के डीजीपी पद पर भी तैनात रह चुके हैं. इसके अलावा सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उन्होंने भी बिहार के लाल के लिए आवाज उठाई और अब भी वह सुशांत को न्याय दिलाने के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं.

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