Wednesday, May 12, 2021

फैल रहा है बर्ड फ्लू, इन लक्षणों से करें पहचान, जानिए बचाव और इलाज का तरीका

कोरोना वायरस का संक्रमण अब भी तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रहा है और इस महामारी के बीच एक और बीमारी ने लोगों को डरा दिया है. भारत में बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है और इसकी चपेट में कई राज्य आ चुके हैं. राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और हिमाचल प्रदेश में वायरस के खतरे को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है. बर्ड फ्लू एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (H5N1) की वजह से होता है. जिससे सिर्फ पक्षियों को नहीं बल्कि इंसानों को भी खतरा है. बर्ड फ्लू एक तरह का वायरल इंफेक्शन है और जो लोग इस वायरस से संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आते हैं उसे भी बर्ड फ्लू अपना शिकार बना लेती है. बर्ड फ्लू वायरस से इंसान की मौत तक हो सकती है. ऐसे में इसके लक्षणों के बारे में जानना बेहद जरूरी है. आज की इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे बर्ड फ्लू के लक्षण.

बर्ड फ्लू के लक्षण (Bird Flu Symptoms)

बर्ड फ्लू होने पर कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, नाक बहना और बेचैनी जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.bird flu lakshan 2अगर आपको ऐसा महसूस होता है कि आप बर्ड फ्लू की चपेट में हैं तो दूसरे लोगों के संपर्क में आने से बचें और फौरन डॉक्टर से संपर्क करें.

हॉन्ग कॉन्ग में था पहला केस

वैसे तो बर्ड फ्लू कई प्रकार के होते हैं. लेकिन H5N1 पहला ऐसा एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस है जिससे इंसान बहुत आसानी से संक्रमित हो जाते हैं.bird flu lakshan 3 इसका पहला केस 1997 में हॉन्ग कॉन्ग में आया था और उस वक्त बर्ड फ्लू को पोल्ट्री फार्म में संक्रमित मुर्गियों से जोड़ा गया था.

पालतू मुर्गियों को ज्यादा खतरा

H5N1 प्राकृतिक रूप से पक्षियों में होता है लेकिन इससे सबसे ज्यादा खतरा पालूत मुर्गियों को है. क्योंकि इनमें ये वायरस जल्दी फैलता है. बर्ड फ्लू संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्त्राव, लार या आंखों से निकलने वाली पानी से होता है. यही कारण है कि, इस समय कई जगहों पर अंडों और मुर्गियों पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है. जिससे बर्ड फ्लू को फैलने से रोका जा सके.

10 दिनों तक जिंदा रहता है वायरस

H5N1 एक ऐसा वायरस है जो लंबे समय तक जीवित रह सकता है. संक्रमित पक्षियों के मल व लार में 10 दिनों तक जिंदा रहता है. मुर्गियों से बर्ड फ्लू फैलने का सबसे ज्यादा खतराbird flu lakshan 5 उन लोगों को होता है जो मुर्गीपालन से जुड़े होते हैं. इसके साथ ही पक्षियों के संपर्क में आने वाले लोग और अधकपका या कच्चा मुर्गा-अंडा वाले खाने लोगों को भी बर्ड फ्लू अपनी चपेट में ले सकता है.

बर्ड फ्लू का इलाज

बर्ड फ्लू एक खतरनाक वायरस है जिससे मौत भी हो सकती है. बर्ड फ्लू का इलाज अलग-अलग तरीके से होता है. अधिकतर मामलों में एंटीवायरल दवाओं का उपयोग किया जाता है. अगर किसी व्यक्ति में बर्ड फ्लू के लक्षण नजर आते हैंbird flu lakshan 4 तो उसे 48 घंटों के भीतर दवा लेना जरूरी होता है. इसके साथ ही जो लोग उस व्यक्ति के संपर्क में आते हैं फिर चाहे उनमें लक्षण ना भी हो. उन्हें भी दवा लेने की सलाह दी जाती हैय

कैसे बचें बर्ड फ्लू से

डॉक्टर्स बर्ड फ्लू से बचने के लिए वैक्सीन लगाने की सलाह दे सकते हैं. लेकिन सिर्फ वैक्सीन ही काफी नहीं. इसके लिए आपको सावधानी बरतनी होगी. बर्ड फ्लू से बचने के लिए पक्षियोंbird flu lakshan 1 के संपर्क में आने से बचें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें. समय-समय पर अपने हाथों को अच्छे से धोते रहें और नॉनवेज खरीदते वक्त सतर्कता बरतें.

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