amitabh mehmood

महमूद अपनी लैविश लाइफस्टाइल के लिये जाने जाते थे, एक समय उनके पास 24 कारें हुआ करती थी, इनमें से ज्यादातर उस समय के चर्चित ब्रांड जैसे स्टिंगरे, डॉज, इंपाला और एमजी की कारें शामिल थी।

चर्चित कॉमेडियन चार्ली चैपलिन ने कहा था कि जब जिंदगी को क्लोजअप में देखा जाता है, तो वो एक ट्रेजडी मालूम होती है, लेकिन लांग शॉट में देखने पर ये किसी कॉमेडी की तरह लगती है, अभिनेता महमूद अपनी एक्टिंग के जरिये लोगों को अकसर गुदगुदा दिया करते थे, लेकिन उनकी जिंदगी ट्रेजडी गेस्ट अपियरेंस की तरह नहीं बल्कि मुख्य किरदार की तरह थी, क्योंकि उन्होने अपनी जिंदगी मं हर कदम पर किसी ना किसी ट्रेजडी का सामना किया।

लैविश लाइफस्टाइल
महमूद अपनी लैविश लाइफस्टाइल के लिये जाने जाते थे, एक समय उनके पास 24 कारें हुआ करती थी, इनमें से ज्यादातर उस समय के चर्चित ब्रांड जैसे स्टिंगरे, डॉज, इंपाला और एमजी की कारें शामिल थी, महमूद के भाई अनवर अली ने 2015 में फिल्मफेयर को दिये इंटरव्यू में बताया था कि अमिताभ बच्चन अपने प्रेमिका को इंप्रेस करने के लिये अकसर महमूद की कार कलेक्शन में से कार ले जाया करते थे, अनवर ने उस इंटरव्यू में ये भी बताया था कि महमूद ने ऑस्टिन नामक एक कार मैकेनिक को घर में ही रखा था, जो कई बार महमूद के कहने पर कार का रंग उनके सूट के रंग के साथ मैच किया करता था, वो उस दौर में इसके लिये 1 लाख रुपये तक खर्च कर देते थे।

अमिताभ की मदद
महमूद का सिर्फ जिंदगी जीने का तरीका ही बड़ा नहीं था, बल्कि उनका दिल भी बड़ा था, कहा जाता है कि जब महानायक अमिताभ बच्चन फिल्म इंडस्ट्री में पांव जमाने के लिये संघर्ष कर रहे थे, तो महमूद ने उनकी काफी मदद की थी, महमूद ने ही बतौर प्रोड्यूसर उनकी फिल्म बॉम्बे टू गोवा में बच्चन को मुख्य किरदार दिया था, ये फिल्म बतौर हीरो अमिताभ का पहला फिल्म था, महमूद का अमिताभ बच्चन से काफी लगाव था, वो अकसर कहा करते थे कि ये बहुत आगे जाएगा।

महमूद ने भांप लिया था
ये वो दौर था, जब अमिताभ को फिल्मों में सफलता नहीं मिल रही थी, लेकिन महमूद ने शायद भांप लिया था कि ये आने वाले समय में हिंदी सिनेमा का महानायक बनेगा, अमिताभ की दोस्ती महमूद के भाई अनवर अली से फिल्म सात हिंदुस्तानी के दौरान हुई थी, अमिताभ कई दिनों तक अनवर अली के साथ उनके अपार्टमेंट में रहे थे, जो महमूद की ही रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी पर बना था, अमिताभ ने इन बातों का जिक्र साल 2012 में एक ब्लॉग में खुद किया था।

भाईजान कहते थे
अमिताभ महमूद को भाईजान कहकर बुलाते थे, वैसे महमूद को चाहने वाले और करीबी उन्हें इसी नाम से बुलाते थे, उनके गले में अकसर भाईजान लिखा एक लॉकेट भी लटकता रहता था, महमूद महानायक को बेटे जैसा मानते थे, फिल्मों में 25 साल पूरे होने पर महमूद ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा था कि वो दुआ करते हैं कि उनकी जिंदगी में ऐसी कई सिल्वर जुब्लियां आए, एक इंटरव्यू में महमूद ने कहा था कि जिस आदमी को भी कामयाबी मिलती है, उसके दो पिता होते हैं, एक वो जो जन्म देता है, दूसरा वो जो पैसा कमाना सिखाता है, महमूद ने कहा था कि अमिताभ के वो पिता हैं जिन्होने उन्हें पैसा कमाना सिखाया।

रिश्ते में दूरी
महमूद के अनुसार अमिताभ के मन में उनके लिये बेहद इज्जत थी, अगर वो उनकी आवाज भी सुन लेते थे, तो सम्मान में खड़े हो जाते थे, लेकिन एक वक्त के बाद दोनों के रिश्ते में खटास आ गई, महमूद ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब अमिताभ बच्चन के पिता हरिवंश राय बच्चन गिर गये थे, तो महमूद उन्हें देखने अमिताभ के घर गये, लेकिन इसके एक –दो हफ्ते बाद ही महमूद की बायपास सर्जरी हुई, तो अमिताभ उन्हें देखने भी नहीं आये, महमूद के अनुसार वो उस समय मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थे, अमिताभ वहां अपने पिता का इलाज कराने पहुंचे थे, अमिताभ ने उनका हाल-चाल तक नहीं लिया, यहां तक कि उन्हें ठीक होने की शुभकामनाएं तक नहीं दी, महमूद के अनुसार उन्हें इस बात से काफी ठेस पहुंची, कि अमिताभ ने उनके साथ ऐसा बर्ताव किया, महमूद का निधन 23 जुलाई 2004 को अमेरिका पेनसिलवेनिया में हुआ था।

https://youtu.be/DsQ2ODaco2U

Read Also – श्रद्धा, सारा और दीपिका को NCB का समन, कंगना का ट्वीट जबरदस्त वायरल