12 साल से नहीं बढी है मुकेश अंबानी की तनख्वाह, जानिये भारत के सबसे अमीर शख्स की कितनी है सैलरी

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mukesh ambani

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और एमडी मुकेश अंबाना ने कोरोना संकट को देखते हुए इस वित्त वर्ष में कंपनी से सैलरी नहीं लेने का फैसला लिया है।

ज्यादातर लोगों को लगता है कि मुकेश अंबानी रिलायंस के मालिक हैं, तो कंपनी का पूरा मुनाफा उनका होता होगा, वो अपनी मर्जी से काम करते होंगे, लेकिन आपको बता दें कि मुकेश अंबानी को भी कंपनी से सैलरी मिलती है, देश के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी की सलाना सैलरी फाइनेंशियल ईयर 2019-20 में 15 करोड़ रुपये रही, हालांकि पिछले 12 सालों से वो इसी सैलरी पर काम कर रहे हैं, यानी 12 साल से उनकी तनख्वाह नहीं बढी है।

सैलरी नहीं लेने का फैसला
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और एमडी मुकेश अंबाना ने कोरोना संकट को देखते हुए इस वित्त वर्ष में कंपनी से सैलरी नहीं लेने का फैसला लिया है। आपको बता दें कि मुकेश अंबानी के लिये साल 2008-09 में सैलरी, अलाउंस और कमीशन सभी मिलाकर अपने मेहनताने के तौर पर 15 करोड़ रुपये सलाना तय किया गया था, जो पिछले 12 सालों से बरकरार है, जबकि कंपनी के पूर्णकालिक निदेशकों के के मेहताने में पिछले फाइनेंशियल ईयर के दौरान भी अच्छी वृद्धि हुई थी।

वेतन में कटौती
कोरोना संकट को देखते हुए मुकेश अंबानी ने इस फाइनेंशियल ईयर में सैलरी नहीं लेने का फैसला लिया है, आरआईएल ने 2019-20 के लिये अपनी सलाना रिपोर्ट में कहा है कि कोरोना के कारण देश पर व्यापक सामाजिक और आर्थिक असर हुआ है, इसी वजह से मुकेश अंबानी ने इस साल सैलरी छोड़ने का फैसला लिया है, अंबानी ने अप्रैल अंत में ही अपनी सैलरी छोड़ने का फैसला लिया है, इसके साथ ही कंपनी के ज्यादातर वरिष्ठ कर्मचारियों के वेतन में 10 से 50 फीसदी की कटौती की गई है, कंपनी के मुताबिक अन्य एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स ने भी अपना मेहनताना 50 फीसदी तक छोड़ने का फैसला लिया है।

सैलरी और अलाउंस
फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के लिये मुकेश अंबानी को मिले मेहताने में 4.36 करोड़ रुपये सैलरी और अलाउंस शामिल है, उन्होने इस साल कोरोना की वजह से सैलरी ना लेने का फैसला लिया है, ताकि कंपनी के लिये काम करने वाले छोटे कर्मचारियों को इसका फायदा मिल सके।

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