gautam adani

अभी तक इस बारे में अडानी समूह की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, ये तीनों फंड मॉरीशस के हैं, और सेबी में इन्हें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक के रुप में रजिस्टर्ड किया गया है।

नेशनल सिक्यूरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड ने तीन विदेशी फंडों के अकाउंट पर रोक लगा दी है, इन फंडों ने अडानी समूह की कंपनियों में करीब 43500 करोड़ रुपये का निवेश कर रखा है, इसकी वजह से अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है। डिपॉजिटरी की वेबसाइट के अनुसार ये अकाउंट 31 मई को या उससे पहले ही फ्रीज किये गये हैं।

शेयर बाजार में खलबली
इस खबर की वजह से अडानी समूह के शेयर आज धड़ाम हो गये हैं, अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर 15 फीसदी टूटकर 1361.25 रुपये पर पहुंच गया है, इसके साथ ही अडानी पोर्ट्स एंड इकोनॉमिक्स जोन 14 फीसदी, अडानी पावर 5 फीसदी, अडानी ट्रांसमिशन 5 फीसदी, अडानी ग्रीन एनर्जी 5 फीसदी तथा अडानी टोटल गैस 5 फीसदी टूट गया।

बयान जारी नहीं
अभी तक इस बारे में अडानी समूह की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, ये तीनों फंड मॉरीशस के हैं, और सेबी में इन्हें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक के रुप में रजिस्टर्ड किया गया है, तीनों का संयुक्त रुप से अडानी एंटररप्राइजेज में 6.82 फीसदी, ट्रांसमिशन में 8.03 फीसदी, अडानी टोटल गैस में 5.92 फीसदी और अडानी ग्रीन में 3.58 फीसदी का निवेश है।

क्यों लिया गया एक्शन
इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक ओनरशिप के बारे में पर्याप्त जानकारी ना देने की वजह से ये कार्रवाई की गई है, अकाउंट फ्रीज होने का मतलब ये है कि अब ये फंड ना तो अपने खाते के शेयर बेच सकते हैं और ना ही नये शेयर खरीद सकते हैं।

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