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डिजिटल गोल्ड में सुरक्षा की बात सबसे अहम है, डिजिटल गोल्ड मुहैया कराने वाले के पास ही इसकी सुरक्षा की गारंटी होती है, यानी कि खरीददार को इसकी टेंशन लेने की जरुरत नहीं।

कोरोना के दूसरे लहर के बीच सोने की कीमतों में एक बार फिर से तेजी देखने को मिल रहा है, पिछले साल अगस्त में सोने का भाव 56 हजार प्रति दस ग्राम के स्तर को पार कर गया था, लेकिन दिसंबर के बाद से लगातार सोने की कीमतों में गिरावट आई है, दिसंबर से लेकर अब तक सोने के दाम करीब 11 हजार रुपये तक कम हुए थे, तो क्या ऐसे में आपको इस समय सोने में निवेश करना चाहिये, क्या गोल्ड में निवेश करने का सही समय है।

क्या है एक्सपर्ट की राय
बैंक बाजार डॉट कॉम के सीईओ अधिल शेट्टी के अनुसार सबसे अधिक जोखिम वाले निवेशक सुरक्षा तथा तरलता की तलाश करते हैं, ऐसे में निवेश करने से पहले रिटर्न की ओर देखते हैं, Gold-Invetment सोने ने पिछले दस सालों में 9.8 फीसदी वार्षिक रिटर्न दिया है, जिससे ये एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। इसलिये शेट्टी का मानना है कि निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो के 8-15 फीसदी से ज्यादा सोने का आवंटन नहीं करना चाहिये, इसके साथ ही फिजिकल गोल्ड लिक्विड है, डिजिटल गोल्ड ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में करना चाहिये निवेश
प्रांजल कामरा के अनुसार लांग टर्म फाइनेंशियल लक्ष्य के लिये किसी व्यक्ति को पर्याप्त इक्विटी एक्सपोजर की जरुरत होती है, लेकिन जैसा कि हम जानते हैं कि इक्विटी निवेश काफी वॉलेटाइल है, gold2 तो ऐसे में निवेशकों को सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदने पर विचार करना चाहिये, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में सोने में निवेश करने का अच्छा विकल्प है।

डिजिटल गोल्ड है सेफ
आपको बता दें कि डिजिटल गोल्ड में सुरक्षा की बात सबसे अहम है, डिजिटल गोल्ड मुहैया कराने वाले के पास ही इसकी सुरक्षा की गारंटी होती है, यानी कि खरीददार को इसकी टेंशन लेने की जरुरत नहीं जितने रुपये में डिजिटल गोल्ड की खरीददारी की थी, उसी रेट पर इसे बेच सकते हैं, इसमें कोई हिडेन चार्ज भी नहीं होता।

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